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IMD का बड़ा अलर्ट! 11 जुलाई को इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का खतरा, घर से निकलने से पहले जरूर पढ़ लें यह खबर!

 


नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और आने वाले 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 जुलाई 2026 के लिए उत्तर भारत, पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी तंत्र के कारण अगले एक-दो दिनों तक वर्षा की गतिविधियां तेज बनी रह सकती हैं।

मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। दूसरी ओर दक्षिण भारत के कुछ आंतरिक क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं।

कम दबाव का क्षेत्र बना बारिश की बड़ी वजह

IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर बना कम दबाव का क्षेत्र मानसून को लगातार मजबूती दे रहा है।

इसके प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और वर्षा का दायरा भी लगातार फैल रहा है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यही प्रणाली उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के राज्यों में व्यापक बारिश का प्रमुख कारण बन रही है।

IMD वैज्ञानिक ने क्या कहा?

IMD के वैज्ञानिक डॉ. शशिकांत के अनुसार, 1 जून से 9 जुलाई तक देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, सौराष्ट्र, महाराष्ट्र, केरल और तटीय कर्नाटक उन क्षेत्रों में शामिल हैं जहां अब तक सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

हालांकि अगले दो दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर का मौसम

राजधानी दिल्ली और एनसीआर में शनिवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है।

कुछ इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।

हालांकि मौसम विभाग ने फिलहाल दिल्ली के लिए कोई बड़ा चेतावनी स्तर जारी नहीं किया है।

बारिश के कारण उमस से कुछ राहत मिलने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश इस समय मानसून गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और आसपास के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

प्रयागराज समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन ने एहतियाती कदम बढ़ा दिए हैं तथा एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें भी सतर्क रखी गई हैं।

उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का खतरा

पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार, शिमला, मनाली, धर्मशाला और सोलन सहित कई क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है।

मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा है।

बिहार में भी रहेगा मानसून का असर

बिहार में भी अगले 24 घंटों के दौरान मानसून सक्रिय रहने की संभावना है।

पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया और उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

निचले इलाकों में जलभराव और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश और झारखंड

मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है।

भोपाल, जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर में बादल छाए रह सकते हैं तथा तेज हवाएं चल सकती हैं।

झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है।

पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर में भारी बारिश

पश्चिम बंगाल, विशेषकर उप-हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

कर्नाटक और दक्षिण भारत का हाल

तटीय कर्नाटक में कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है, जबकि राज्य के आंतरिक हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है।

बेंगलुरु में हल्की बूंदाबांदी और बादलों के बीच धूप निकल सकती है।

दक्षिण भारत के कई अन्य हिस्सों में भी बारिश की तीव्रता उत्तर भारत की तुलना में कम रहने का अनुमान है।

लोगों के लिए IMD की सलाह

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

  • जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

  • बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।

  • पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा टालें।

  • स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखें।

  • नदी और नालों के पास सावधानी बरतें।

अगले कुछ दिनों का संकेत

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रह सकता है। इससे कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है। इसलिए नागरिकों को मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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